खेता खान प्रोजेक्ट राजस्थान के उभरते हुए और अत्यंत प्रतिभाशाली युवा लोक कलाकार हैं, जिन्होंने अपनी मधुर गायकी, ऊर्जावान मंच प्रस्तुति और लोक-सूफी संगीत की अनूठी शैली से देश-विदेश के श्रोताओं के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है। वे जैसलमेर जिले के बैया गाँव से हैं और कम उम्र से ही पारिवारिक परंपरा के माध्यम से लोक संगीत का अभ्यास कर रहे हैं।
इनकी लाइव प्रस्तुतियाँ ऊर्जा, उत्साह और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम होती हैं। मंच पर आते ही अपनी दमदार आवाज़, लोकधुनों और दर्शकों से सहज जुड़ाव के कारण वे हर आयु वर्ग के श्रोताओं को झूमने और साथ गुनगुनाने के लिए प्रेरित कर देते हैं। यही विशेषता उन्हें एक प्रभावशाली लाइव परफ़ॉर्मर बनाती है।
खेता खान प्रोजेक्ट की प्रस्तुतियों में राजस्थान के पारंपरिक लोकगीत, सूफी संगीत, भजन, कव्वाली तथा चुनिंदा बॉलीवुड गीतों का आकर्षक समावेश होता है। उनके साथ प्रस्तुति देने वाले कलाकार ढोलक, खड़ताल, हारमोनियम, मोरचंग और अन्य पारंपरिक वाद्ययंत्रों के माध्यम से राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप प्रदान करते हैं।
उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान की लोक संस्कृति, संगीत और परंपराओं के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी प्रस्तुतियाँ केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को विश्व मंच तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम हैं।